ईशान आग्नेय वायव्य नैऋत्य कोण

Rajkumar Jain

vastu

784 View
ईशान कोण 
 
घर का उत्तर-पूर्व कोण वास्तु के अनुसार हर घर का ईशान कोण सबसे पवित्र स्थान माना जाता है। यहां पर कभी भी कुड़ा करकट इकठा नहीं होने देना चाहिए, न ही यहां पर कभी झाडू रखना चाहिए। यह घर में पूजा के लिए एक उपयुक्त स्थान है। इसकी बच्चों की एजुकेशन का कौरनर भी माना जाता है। अगर बच्चे इस स्थान पर बैठकर पढ़ाई करते हैं, तो उनकी विशेष लाभ तथा अधिक सफलता प्राप्त होती है। ईशान कोण में घर का मुख्य द्वार भूमिगत पानी की टकी, नल लगाना बहुत शुभ माना जाता है। इस स्थान का फर्श नीचा रखना चाहिए, और इस स्थान में कभी भी सीढियाँ नहीं होनी चाहिए। ईशान कोण के अंदर, उच्चा चबूतरा बनाना प्रवास तौर से वर्जित है।
 
 
आग्नेय कोण 
 
दक्षिण पूर्व के कोण में बिजली का मीटर, जनरेटर आदि लगाना अथवा रखना शुभ माना जाता है। इस कोण में आग जितनी अधिक जलती है, उतनी ही शुभ होती है। इस कोण में भूलकर भी कभी भूमिगत पानी की टकी नल की बोरिंग नहीं करानी चाहिए।
 
वायव्य कोण
 
उत्तर-पश्चिम कोण। वायव्य कोण में लड़कियों तथा मेहमानों का कमरा बनाना शुभ होता है। इस कोण में सैफटिक टैंक बनाने का सब से उपयुक्त स्थान है। कुआँ, नल इस कोण में नहीं बनाना चाहिए।
 
नैऋत्य कोण
 
दक्षिण - पश्चिम कोण। इस कोण को घर का सबसे भारी कोण माना जाता है। इस कोण में स्टोर, घर का भारी सामान या घर के मुखिये का शयन-कक्ष होना चाहिए। घर का जितना भी भारी सामान इस कोण में रखें उतना ही आपके लिए शुभ है। इस कोण गे ओवरहैड पानी की टंकी शुभ होती है। इस कोण में भूमिगत पानी की टकी, बोरिंग बनाना चाहिए। इस कोण के अन्दर सैफटिक टैंक बनाना या मुख्य द्वार बनाना बहुत अशुभ होता है। इस कोण को हमेशा ऊचा रखें। 


Related Post You May like

एक भगवान की एक से ज्यादा मूर्तियां ना रखें

Rajkumar Jain

906 View

मंदिर में हमेशा एक भगवान की मूर्ति रखे अगर कोई भी मूर्ति खण्डित हो जाएं, उसे चलते हुए पानी में प्रवाहित कर देना चाहिए।

Read More..

जानिए सोते समय किस दिशा में रखने चाहिए सिर व पैर

Rajkumar Jain

807 View

हमेशा आराम करते समय सोते समय आपका सिर पूर्व या दक्षिण की दिशा मे रहे।

Read More..